गणतंत्र दिवस पर निबंध | Essay on Republic Day in Hindi

 


गणतंत्र दिवस पर निबंध | Essay on Republic Day in Hindi



गणतंत्र दिवस का महत्व

भारत हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाता है। यह दिन हमारे देश के लिए बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ था। आज़ादी तो हमें 15 अगस्त 1947 को मिल गई थी, लेकिन असली मायने में आज़ाद भारत तब बना, जब हमने अपने लिए खुद का संविधान अपनाया। यही कारण है कि गणतंत्र दिवस सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि हमारे लोकतंत्र और एकता की पहचान है।

मुझे हमेशा से याद है कि स्कूल के दिनों में हम 26 जनवरी का इंतजार बहुत उत्साह से किया करते थे। सुबह-सुबह तैयार होकर स्कूल जाना, सफेद कपड़े पहनना, हाथों में छोटा-सा झंडा पकड़ना और ठंडी सर्दियों के बावजूद प्रोग्राम में हिस्सा लेना – यह सब अपने आप में बहुत यादगार अनुभव था।


गणतंत्र दिवस की झलकियाँ और समारोह

दिल्ली के राजपथ पर हर साल होने वाली परेड पूरे देश का ध्यान आकर्षित करती है। मैंने पहली बार टीवी पर यह परेड देखी थी, और तब से मुझे हमेशा लगता था कि काश मैं इसे खुद अपनी आँखों से देख पाऊँ। इस परेड में सेना की ताकत, विभिन्न राज्यों की झाँकियाँ, और बच्चों की प्रस्तुतियाँ सच में दिल को छू जाती हैं।

हमारे मोहल्ले में भी गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह से मनाया जाता है। झंडारोहण के बाद बच्चे कविता, भाषण और नृत्य प्रस्तुत करते हैं। मुझे याद है कि एक बार मैंने भी “वन्दे मातरम्” पर भाषण दिया था। उस वक्त तो मैं बहुत घबराया हुआ था, लेकिन झंडे के सामने बोलते हुए मन में जो गर्व की भावना आई, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।


मेरा व्यक्तिगत अनुभव और विचार

मेरे अनुसार गणतंत्र दिवस हमें सिर्फ झंडा फहराने और देशभक्ति गीत गाने का अवसर नहीं देता, बल्कि यह दिन हमें यह सोचने पर भी मजबूर करता है कि हम अपने संविधान और लोकतंत्र के प्रति कितने जिम्मेदार हैं। अक्सर देखा जाता है कि लोग छुट्टी का दिन समझकर इसे आराम में बिता देते हैं। पर असली मायने तभी होंगे, जब हम इस दिन अपने कर्तव्यों को याद करें और यह सोचें कि देश की तरक्की में हम किस तरह योगदान दे सकते हैं।

मुझे हमेशा अपने दादाजी की एक बात याद आती है। वे कहते थे – “देशभक्ति सिर्फ युद्ध के मैदान में दिखाने की चीज़ नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीज़ों में भी झलकनी चाहिए। जैसे ईमानदारी से पढ़ाई करना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना, दूसरों की मदद करना – ये सब भी देशभक्ति ही है।” सच कहूँ तो, जब-जब मैं गणतंत्र दिवस मनाता हूँ, मुझे दादाजी की यह सीख हमेशा याद आती है।

गणतंत्र दिवस हमारे देश के गौरव का प्रतीक है। यह हमें बताता है कि हम एक आज़ाद और लोकतांत्रिक भारत के नागरिक हैं। हमें इस दिन की महत्ता सिर्फ एक उत्सव के रूप में नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों को निभाने के संकल्प के रूप में देखना चाहिए।

मेरे लिए गणतंत्र दिवस हमेशा प्रेरणा का दिन रहा है। यह दिन मुझे याद दिलाता है कि देश की असली ताकत सिर्फ संविधान और सेना में ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की ईमानदारी और जिम्मेदारी में भी छिपी है। यदि हम सब अपने-अपने स्तर पर सही कार्य करें, तो भारत निश्चित ही और अधिक प्रगति करेगा और दुनिया में एक आदर्श गणराज्य बनकर उभरेगा।




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